धुलकोट (जनक्रांति न्यूज़) दिलीप बामनिया धुलकोट क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले ग्राम बोरी बुजुर्ग में एक कृषि मंडी भी बनी हुई है। मगर वहा पर कोई प्यपारी कृषि उपज खरीदनी नहीं आता है और किसानों से घर व खेत से ही खरीदारी करते हैं जिससे कि किसान भाईयों का घाटा व प्यपारी वर्ग दो गुना मुनाफा कमाते हैं। अभी फिलहाल हरी मिर्ची का सीजन चल रहा है और बोरी बुजुर्ग के आसपास आनेवाले लगभग 20 से 25 ग्राम के किसान भाई यह आशालिऐ बैठे हैं कि बोरी की कृषक मंण्डी शुरू हो जाऐ और प्यपारी गण उन्की उपज की सही – सही किमत अदा करे। इस समय तों यहा पर अंधेरा नगरी चौपट राजा वाली कहानी चल रही है यहां मिर्ची का भाव किसान को लगभग -लगभग 3 बजे से 4 बजे के बीच बताया जाता है। इसमें ग्राम के प्यपारी व बाहर के प्यपारी भी शामिल हैं अब आप ही बताओ 3 से 4 के बीच में सारी मिर्ची टुट चुकी होती है। और प्यपारी अपनी मनमर्जी के भाव से माल खरीदारी करते हैं। अगर किसान अपना माल नहीं बेचते तो वह खराब हो जाऐगा बोरी बुजुर्ग के आसपास के सभी किसानों शिवराज मामा से कहना है कि या तो वह जल्द से जल्द कृषि मंडी चालु करवाऐ या प्यपारी लोगों के मिर्ची भाव सुबह 10 बजे तय करने को कहे। क्योंकि बुरहानपुर व खरगोन के बिच मात्र यही मंण्डी है।

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