
Tomato: देश भर इन दिनों ‘लाल टमाटर’ लोगों की तबियत हरी किए हुए। अब तो शक्ल न सूरत अदरक भी अकड़ रहा है। मिर्ची के भी क्या कहने? उसका भाव सुनो तो सब्जी बाजार में लगता हैं कि वो हैं तो कोई और सब्जी ही नहीं। सब्जियों से झोला तक नहीं भर पा रहा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में अलग ही तरह की खबर सामने आई। अंदर की खबर हम आपको आर्टिकल में आगे बताएंगे। शुरू में यह जान लीजिए कि जैसे-जैसे टमाटर, अदरक, मिर्ची और दूसरी कई सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं, घरवाली की डिमांड भी बढ़ती जा रही हैं। कुछ पतियों को ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ रहा हैं। छिंदवाड़ा में कुछ पत्नियों ने अपने घरवालों से ‘लाल टमाटर’ लाने की डिमांड रखी। अल्टीमेटम भी दिया कि यदि घर में टमाटर-अदरक-मिर्ची नहीं तो ‘खाना’ भी नहीं। बेचारे पतिदेव मरता क्या न करता की तर्ज झोला उठाया और बाजार निकल पड़े।

अपनी बीबी की डिमांड पूरी करने के इरादे से निकले ये लोग खास थे। एक ही तरह की डिमांड के साथ कुछ लोग आपस में टकराए तो सभी की जेब का हाल एक जैसा ही था। घर में पेट भर खाना चाहिए तो बेचारों को टमाटर खरीदने रुपये का इंतजाम करने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं था। सभी को बैंक से लोन लेने की सूझी और पंपलेट प्रिंट करवाकर ये नजदीक के पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच पहुंच गए। टमाटर और दूसरी सब्जियां खरीदने एक साथ हाथ में पंपलेट लिए इन लोगों को देख बैंक के अधिकारियों का भी भेजा घूम गया। सब काम-धाम छोड़कर बैंक के स्टाफ ने इन्हें चलता किया।

बाद में पता चला कि ये सभी कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेता हैं। छिंदवाड़ा नगर निगम में पार्षद आकाश मोखलगाय ने कहा कि महंगी सब्जियों से उनका जीना दूभर हो गया। बीबी की खरी-खोटी सुनना पड़ रही हैं। टमाटर 120-170 रुपये किलो, अदरक 250 रुपये, मिर्ची 150 रूपये प्रतिकिलो तक बिक रही हैं। उनकी अब हैसियत नहीं है कि वह अपने महीने की कमाई से बीबी की डिमांड पूरी कर सकें। लिहाजा सभी को एकजुट होकर बैंक से कर्ज लेने का सहारा लेना पड़ रहा हैं। लेकिन बैंक वाले भी ‘टमाटर पर लोन’ सुनते ही उन्हें खदेड़ रहे हैं। घर में रहना है तो बाद में बेचारे इन कांग्रेसियों को मार्केट से किसान टोमेटो केचप खरीदकर अपनी बीबी को खुश करना पड़ा। मिर्ची-अदरक की जगह भी रेडीमेड पेस्ट खरीदें।





