विकासखंड में स्थित पुरानी धरोहरों का होना चाहिए संरक्षण – 300 साल का इतिहास

By
On:
Follow Us
पानसेमल। पानसेमल जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम जाहुर पंचायत में ऐतिहासिक रूप संजोए पुरानी धरोहर स्थित है । जिसमें मुख्य रुप से करीब 300 वर्ष पुराना शिव मंदिर एवं पानी की बावड़ी एवं प्राचीन वस्तुएं वहां पर देखी गई है । पुराने समय में यह शिव मंदिर श्रद्धा का केंद्र रहा होगा किंतु वर्तमान में यह अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है। 
सरकार कई पुरानी धरोहरों का संरक्षण कर उनका अस्तित्व बचा रही है । इसलिए जाहूर स्थित इस पुरानी ऐतिहासिक स्थल को भी पुरातात्विक निरीक्षण में शामिल कर इसका इतिहास जानकर संरक्षित किया जाना चाहिए । पंचायत सचिव नवनाथ राठौर ने बताया कि इस स्थान के विकास के लिए हमने विभाग को पत्र भी लिखा है किंतु अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है । यहां हनुमान मंदिर का भी नया निर्माण किया गया है । हनुमान जयंती पर मेला भी यहां आयोजित होता है । उक्त स्थान को तत्कालीन एसडीएम ने अपने कब्जे में भी लिया था किंतु उसके बाद किसी ने आपत्ति दर्ज की थी जिसकी जानकारी एसडीएम में मिल सकती है ।  
वर्तमान एसडीएम जितेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि हमें आप के माध्यम से यह जानकारी मिली है यदि वह पुरातात्विक महत्व की धरोहर है तो हम उस पुरानी धरोहर का विजिट करेंगे एवं इसके मूल दस्तावेज देखे जाएंगे । उसके निर्माण, स्वामित्व व महत्व की जानकारी जुटाने के बाद ही हम संरक्षण के लिए कोई कदम उठा पाएंगे  । उल्लेखनीय है कि पानसेमल विकासखंड के अंतर्गत ग्राम जलगोन में पुराना किला, तीन ताल की बावड़ी, आमदा के नजदीक एक खेत में स्थित बावड़ी , पानसेमल में पुरानी तहसील जिसका मात्र गेट ही बचा है , यहा एक पुरानी तोप भी है जिनका संरक्षण किया जाना चाहिए ।
पानसेमल तहसील से संदीप पाटिल कि रिपोर्ट

Jankranti

MP Jankranti News — मध्यप्रदेश की 7.33 करोड़ जनता की आवाज़। बिना भेदभाव के खबरें, समस्याएं और समाधान सीधे आप तक।

For Feedback - newsmpjankranti@gmail.com

Leave a Comment