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कटनी मध्य प्रदेश हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी 24 जून को वैश्य महासम्मेलन मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमाशंकर जी गुप्ता का जन्मदिन सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा इसके तहत युवा इकाई कटनी के द्वारा निःशुल्क मौखिक (ओरल) कैंसर परामर्श शिविर का आयोजन एमजीएम अस्पताल में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जा रहा है। जिसमे सभी प्रकार के मुख से संबंधित परामर्श एवम तंबाकू, गुटका, खैनी आदि से मुक्ति संबंधी परामर्श उपलब्ध रहेगा। कैंप में सलाहकार के तौर पर डॉक्टर पुनीत सिंह दिखित, MDS ओरल एवम मैक्सिलोफेसीयल सर्जन (पूर्व सीनियर रेसिडेंट डॉक्टर AIIMS भुवनेश्वर) उपलब्ध रहेंगे। कैंप में प्रथम 50 प्रविष्ठियां ही स्वीकार की जवेंगी।
रिपोर्टर सौरभ श्रीवास्तव, Mo9131308097, जिला कटनी मध्य प्रदेश
Oral Cancer का इशारा कर रहे हैं ये 5 संकेत , कहीं आप भी तो नहीं हो रहे शिकार, ऐसे करें चेक
भारत में ओरल (मुंह) कैंसर तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. एक दशक में मुंह के कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है. इसमें सबसे ज्यादा युवा वर्ग शामिल है. मुंह के कैंसर का सबसे प्रमुख कारण तंबाकू और उससे बने प्रोडेक्ट हैं. गुटखा, पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी या हुक्का पीने वालों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है. ऐसे में समय रहते सतर्क होना जरूरी है. इस भयानक बीमारी से बचने के लिए इनके लक्षणों को जानना और उसकी जांच कराना भी जरूरी है. मुंह का कैंसर पहले ही कुछ संकेत और लक्षण देता है, अगर आपके मुंह में ये लक्षण दिख रहे हैं तो उसे बिना इग्नोर किए डॉक्टर से संपर्क करें और डॉक्टर की सलाह के हिसाब से इलाज शुरू करें.
जब मुंह और बॉडी में दिखे ये लक्षण तो हो जाए सतर्क
ओरल कैंसर मुंह का कैंसर अक्सर मुंह के अंदर के हिस्से से शुरू होता है. ये आमतौर पर होंठ, गाल, जीभ, दांतें और मुंह के ऊपर-नीचे के हिस्से में होता है. इसके अलावा कान और कान में दर्द गले में खरास या टॉन्सिल या फिर लार ग्रंथियों से भी शुरू हो सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कोई जरूरी नहीं है कि तंबाकू सेवन करने वालों को ही मुंह का कैंसर हो सकता है. मेडिकल साइंस में कई बार देखा गया है कि जो लोग तंबाकू नहीं खाते हैं, उनमें भी ओरल कैंसर पाए गए हैं. अगर आपके खान-पान में प्रिजर्वेटिव है, केमिकल है या प्लास्टिक मौजूद है तो भी आप इस बीमारी की जद में आ सकते हैं. इसके अलावा आपको फ्रिज में रखा ज्यादा पुराना खाने से बचना चाहिए. खाने की गलत आदतें भी आपके मुंह की सेहत बिगाड़ सकती हैं.
कब पता चलता है कि यह ओरल कैंसर है?
मुंह के कैंसर का पता मुंह के अंदर, किसी भी हिस्से में या जीभ में या फिर होंठ के घावों से पता चल जाता है. डॉ पाण्डेय कहते हैं कि शुरुआत के 15 से 25 दिन के भीतर आपको घाव का आभास होने लगता है. मुंह में अगर व्हाइट पैचेस (सफेद निशान) या लाल दानें हों या फिर दांतों में तकलीफ हो तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए. तत्काल डेंटिस्ट के पास जाकर जांच करवानी चाहिए. क्योंकि यह कैंसर का संकेत हो सकता है.
दांतों की समस्या भी है कैंसर की वजह
मैले दांतों में अगर बार-बार तकलीफ हो रही है या दांत गिर रहे हैं या फिर गिरे दातों की जगह पर गड्ढे भर नहीं रहे हैं तो यह कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. ऐसे में तुरंत डेंटल या ओरल सर्जन से मिलना चाहिए.





