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| पानसेमल विधानसभा के लिए सतीश केवट के साथ संदीप पाटिल की विशेष रिपोर्ट |
पानसेमल, विधानसभा सीट पर इस बार कई दावेदार है, चुनावी हलचल के बीच भाजपा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के दावेदारों के नामो पर नजर डालते है, भारतीय जनता पार्टी से टिकट की दावेदारी करने वालो में पूर्व विधायक दिवानसिंग पटेल जो 6 बार विधायक का चुनाव लड़ चुके है, दिवानसिंग पटेल पानसेमल, विधानसभा सीट पर 3 बार चुनाव जीते और 3 बार चुनाव हारे है। वही दावेदारों में भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री श्यामराव बर्डे का भी नाम है, जो लेक्चरर की नोकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति कर रहे है, समाजसेवी है, और क्षेत्र में अच्छा वर्चस्व रखते है, दावेदारों की सूचि में तीसरा नाम प्रोफेसर डॉ प्रकाश सोलंकी का भी सामने आ रहा है, जो भाजपा से टिकट चाहते है, लेकिन राजनीति में सक्रिय नही है। सामाजिक अनुभव के साथ ही एक उच्च शिक्षित समाजसेवी के रूप में इन्हे देखा जाता है वर्तमान में मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति व अधिकारी कर्मचारी (अजाक्स) संघ के प्रांतीय महासचिव है।
सूचि में अगला नाम निवाली क्षेत्र से है, कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए, युवा नेता विकास डावर भी टिकट की दौड़ में है, विकास डावर पूर्व में जनपद पंचायत निवाली के अध्यक्ष भी रह चुके है। निवाली क्षेत्र से एक अन्य नाम कन्हैया सिसोदिया का भी है। जो भाजपा के वरिष्ठ नेता है और टिकट की दौड़ में शामिल है, कन्हैया सिसोदिया पूर्व में विधायक का चुनाव भी लड़ चुके है। जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। पानसेमल क्षेत्र से टिकिट की दावेदारी में भाजपा से जुलाल वसावे का नाम भी सामने आ रहा है, जो वर्तमान में जिला जनपद पंचायत सदस्य है, दो बार वे खुद और वर्तमान में उनकी पत्नी ग्राम सरपंच हैं। दावेदारी में एक और नाम जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि के रूप में विनोद वसावे का सामने आ रहा है, जो अजजा मोर्चा के जिला महामंत्री है, और कृषक है।

अब बात करते है कांग्रेस के उम्मीदवारों की, कांग्रेस में पानसेमल से वर्तमान विधायक चंद्रभागा किराड़े, अपनी दावेदारी को लेकर मजबूत नज़र आ रही है, कमलनाथ के करीबी नेताओं में से एक चंद्रभागा किराड़े भी मानी जाती है, दूसरा नाम गजानंद ब्राह्मणे का है, जो आदिवासी एकता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष है। आदिवासी एकता परिषद संगठन एक बड़ा नाम है, गजानंद ब्राह्मणे सामाजिक कार्यकर्ता भी है, तीसरा नाम जयस संगठन की ओर से डाक्टर राजू पटेल का नाम भी टिकट की दौड़ में शामिल है। राजू पटेल जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष है। वही टिकट की दौड़ में चौथा नाम पानसेमल क्षेत्र से प्रकाश धुरसिंह खेड़कर का है, जो मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद युवा विभाग से जुड़े हुए है। और अगला नाम रमेश चौहान का है, जो घोडलीया पानी के सरपंच है, और उनकी पत्नी निवाली क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य है। एक अन्य नाम रतन सिंह ठान सिंह खेड़कर के रूप में सामने आया है। रतन सिंह भी टिकट की दौड़ में शामिल है। पूर्व में पानसेमल जनपद अध्यक्ष भी रह चुके है। एक और अन्य नाम अनूप जयसिंह पवार का भी सामने आ रहा है। जो कांग्रेस से टिकट चाह रहे है। अनूप जयसिंह पानसेमल जनपद पंचायत सदस्य है, और इनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ है।
इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी से ग्राम पंचायत वांगरा के सरपंच मोंटा खेड़कर का नाम भी सामने आया है। मोंटा खेड़कर मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष है। इनके अलावा जितेश्वर खरते जो निवाली में प्रोफेसर है। आदिवासी कर्मचारि अधिकारी संगठन आकास के जिलाध्यक्ष भी है। उनका नाम भी सामने आ रहा है। वही महिला नेत्री के रूप में सुरती बाई तेजासिंह जाधव का नाम सामने आया है। जो स्वर्गीय तेजासिंह जाधव की पत्नी है। इनका भी क्षेत्र और समाज मे अच्छा वर्चस्व है।
वही बात करे आम आदमी पार्टी की तो पानसेमल विधानसभा क्षेत्र से फ़िलहाल आम आदमीं पार्टी से दावेदार के रूप में महेश चौहान को माना जा रहा है। इससे पहले महेश चौहान स्थानीय चुनाव में वे भाग ले चुके हैं। पार्टी में सक्रिय है, समाज और क्षेत्र के युवाओं में अच्छी पकड़ है। फिलहाल जन चर्चा के आधार पर ये दावेदार माने जा रहे हैं। अब ये देखने वाली बात यह होगी की, क्या इन संभावित चेहरो में से विधायक का उम्मीदवार प्रत्याशी चुना जाता है। या राजनेतिक दल अपने – अपने सर्वे के अनुसार कोई अन्य उम्मीदवार तय करेगी।
पानसेमल जनक्रांति न्यूज से संदीप पाटिल की स्पेशल रिपोर्ट






