हल्द्वानी / रिपोर्ट : अलीशान जाफरी
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र स्थित उजालेश्वर मंदिर के पास 16 नवंबर को नवजात बछड़े के शव का कुछ हिस्सा मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। प्रारंभिक अफ़वाहों में इसे सांप्रदायिक रंग देते हुए सोशल मीडिया पर गलत दावे प्रसारित किए गए, जिसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ा जब स्थानीय हिंदुत्व संगठनों से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट कर माहौल को गरम कर दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए धारा 190, 191(2), 296A, 115(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया।
CCTV फुटेज ने किया खुलासा — आवारा कुत्ता मंदिर के पास छोड़ गया था शव
पुलिस द्वारा जांच में जुटाई गई CCTV फुटेज में स्पष्ट दिखाई दिया कि मंदिर के पास बछड़े के अवशेष किसी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि एक आवारा कुत्ते ने छोड़ दिए थे।
एसपी (क्राइम) जगदीश चंद्र ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर अफ़वाहें फैलते ही स्थिति बिगड़ गई और शहर में तनाव का माहौल बन गया।
सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का माहौल, BJP नेता गिरफ्तार
FIR में दर्ज जानकारी के अनुसार, स्थानीय भाजपा नेता विपिन पांडे ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उत्तेजक पोस्ट डालकर शहरवासियों से “आज रात मत सोना” जैसे संदेश प्रसारित किए।
पुलिस ने उन्हें 20 नवंबर को गिरफ्तार किया, हालांकि 23 नवंबर को उन्हें जमानत मिल गई।
उसी तरह, हिंदुत्व संगठन से जुड़े यतिन पांडे सहित अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी भड़काऊ टिप्पणियों को लेकर जांच जारी है।
रेस्टोरेंट मालिक पर आरोप, भीड़ ने किया पथराव—7 गिरफ्तार
अफ़वाहों के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में मामले को स्थानीय शमा डीलक्स होटल से जोड़ दिया गया, जो अमीर हमज़ा नामक मुस्लिम व्यवसायी का है।
अफवाह फैलते ही भीड़ ने होटल पर पथराव कर दिया और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया।
पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।
अब तक 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 50 से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ दंगा भड़काने का केस दर्ज हुआ है।
अमीर हमज़ा ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा—
“मेरी संपत्ति को जो नुकसान हुआ और मेरी इमेज को जो चोट पहुँची, उसकी भरपाई कौन करेगा? सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
शहर पहले से तनाव में — छोटे विवाद भी भड़का सकते हैं आग
हल्द्वानी पिछले दो वर्षों में कई बार सांप्रदायिक तनाव की गिरफ्त में रहा है।
जनवरी 2024 में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए संघर्ष में 6 लोगों की मौत हो चुकी है।
सिविल राइट्स संगठन से जुड़े शादाब आलम का कहना है—
“हल्द्वानी जैसे संवेदनशील शहर में छोटी-सी अफ़वाह भी बड़े तनाव को जन्म दे सकती है। यह मामला भी वही दर्शाता है।”
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