मंडला। मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनवाही में डाक विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम में पदस्थ डाक कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी स्थल पर उपस्थित नहीं रहता, बल्कि केवल सुबह गांव की सीमा तक पहुंचकर लोकेशन के आधार पर अटेंडेंस लगाता है और वापस लौट जाता है। इसके बाद डाकघर नहीं खुलता और दिनभर कोई सेवा उपलब्ध नहीं रहती।
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित कर्मचारी सप्ताह में केवल दो से तीन दिन ही गांव आता है। कई बार तो पूरे सप्ताह डाक सेवाएं पूरी तरह ठप रहती हैं। इससे ग्रामीणों को डाक, बैंकिंग, पेंशन, बीमा और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंदों को बार-बार विकासखंड मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
नियमों के विपरीत कार्यप्रणाली
डाक विभाग के नियमों के अनुसार, जहां किसी कर्मचारी की तैनाती होती है, वहां उपस्थित रहकर नियमित सेवाएं देना अनिवार्य है। लेकिन धनवाही में सामने आई स्थिति इन नियमों के ठीक उलट बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विकासखंड मुख्यालय में बैठकर ही सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जो न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि लोकेशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।
केवल धनवाही नहीं, पूरे विकासखंड पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, यह मामला सिर्फ ग्राम धनवाही तक सीमित नहीं हो सकता। आशंका जताई जा रही है कि बीजाडांडी विकासखंड की लगभग 42 ग्राम पंचायतों से जुड़े कई कर्मचारी भी ड्यूटी स्थल पर न रहकर विकासखंड में बैठकर ही सेवाएं दे रहे हैं। यदि यह आरोप जांच में सही पाया गया, तो यह ड्यूटी व्यवस्था और निगरानी तंत्र की अब तक की सबसे बड़ी चूक मानी जाएगी।
निवास एसडीआई की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण में निवास डाक विभाग के एसडीआई की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। हालांकि फिलहाल किसी अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन ग्रामीणों और सूत्रों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और सख्त निगरानी के अभाव में ऐसी स्थिति बनी है। बताया जा रहा है कि यदि लोकेशन अटेंडेंस डेटा, उपस्थिति रजिस्टर और कार्यस्थल सत्यापन की निष्पक्ष जांच की जाती है, तो धनवाही के बाद कई अन्य पंचायतों से जुड़े मामले भी सामने आ सकते हैं।
ग्रामीणों की मांग: तकनीकी ऑडिट और सख्त कार्रवाई
ग्रामीणों ने डाक विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि
– लोकेशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम का तकनीकी ऑडिट कराया जाए,
– कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति का भौतिक सत्यापन हो,
– और नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों व जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि डाक सेवाएं ग्रामीण जीवन की रीढ़ हैं और इस तरह की लापरवाही से आम जनता को सीधे नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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संवाददाता: फ़िरदौस ख़ान
मोबाइल: 7999395389
स्थान: मंडला (बीजाडांडी)





