आलोट। विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद पहली बार पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू ने आलोट पहुंचकर अपनी राजनीतिक ताकत और कार्यकर्ताओं पर प्रभाव का खुलकर प्रदर्शन किया। बुधवार को वे प्राइवेट हेलीकॉप्टर से नगर पहुंचे। रामसिंह दरबार स्थित स्टेडियम पर हेलीकॉप्टर के उतरते ही बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
इसके बाद प्रेमचंद गुड्डू पंचम बिहार कॉलोनी में आयोजित कार्यकर्ता मिलन समारोह में पहुंचे, जहां हजारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को स्पष्ट रूप से शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया। आयोजन के दौरान सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जनता के प्रेम और संगठन की ताकत का दावा
मंच से संबोधित करते हुए प्रेमचंद गुड्डू ने कहा कि आलोट की जनता ने उन्हें हमेशा अपार प्रेम और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद रहते हुए उन्होंने कभी दलगत राजनीति नहीं की, बल्कि क्षेत्र की सेवा को सर्वोपरि रखा। गुड्डू ने कहा कि आज देश का किसान परेशान है और कांग्रेस नेता राहुल गांधी युवाओं की आवाज बनकर सड़कों से लेकर संसद तक मजबूती से संघर्ष कर रहे हैं।
प्रशासन और अफसरशाही पर तीखा हमला
अपने संबोधन में प्रेमचंद गुड्डू ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी जनता के पैसे से वेतन लेते हैं, यदि वही जनता का काम नहीं करते, तो उन्हें जवाबदेह बनाना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि विधायक रहते हुए उन्होंने अफसरशाही को नियंत्रण में रखकर क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए।
गुड्डू ने यह भी कहा कि कोई भी सरपंच या जनप्रतिनिधि यह नहीं कह सकता कि उन्होंने कभी एक रुपये का भी कमीशन लिया हो। उन्होंने खुद को भ्रष्टाचार से दूर रहने वाला जनप्रतिनिधि बताया।
राजनीतिक भविष्य और बेटे को सौंपा नेतृत्व का संकेत
अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर प्रेमचंद गुड्डू ने कहा कि अब उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। उनका एकमात्र और स्थायी पद कांग्रेस कार्यकर्ता का है, जिसे कोई उनसे छीन नहीं सकता। उन्होंने अपने पुत्र अजीत बोरासी को आलोट की जनता के हवाले करते हुए संकेत दिया कि आने वाले समय में क्षेत्र के नेतृत्व की जिम्मेदारी वे निभाएंगे।
अजीत बोरासी का विरोधियों पर तंज
कार्यक्रम में अजीत बोरासी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग पहले उन्हें बाहरी बताते थे, वे आज आलोट छोड़कर इंदौर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि उनका परिवार पिछले तीन दशकों से आलोट की सेवा कर रहा है और 2013 में चुनाव हारने के बाद भी वे लगातार जनता के बीच रहे हैं।
कांग्रेस की असली ताकत का दावा
गुड्डू समर्थक तेजेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि इस सम्मेलन ने यह साफ कर दिया है कि असली कांग्रेस कौन सी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता चुनाव हारने के बाद पार्टी बदलकर जनता को छोड़ देते हैं, वे जनप्रतिनिधि कहलाने योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं और हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि आलोट में एक बार फिर कांग्रेस की सक्रिय राजनीति मजबूती से उभर रही है।
बागी नेताओं की मौजूदगी और सियासी संकेत
कार्यक्रम में 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर बागी बने कई नेता भी मंच पर मौजूद रहे, जिनमें प्रेमचंद गुड्डू और श्यामलाल जोगचंद शामिल थे। इन नेताओं ने उस चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी से अधिक मत हासिल किए थे। हालांकि प्रेमचंद गुड्डू की कांग्रेस में औपचारिक वापसी अब तक नहीं हुई है, लेकिन आलोट और आसपास के क्षेत्रों में उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार साफ तौर पर नजर आया।
कार्यक्रम में धार से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी रहे राधेश्याम मुवेल, हेमंत चौहान, ओम सिंह भाटी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष ताल अनिल शुक्ला, छगनलाल पाटीदार, अशोक खींची, शंकर सिंह परिहार, श्याम सिंह परिहार (सरपंच) सहित मालवांचल के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





