देवरी कला, सागर (मध्यप्रदेश)। सागर जिले की देवरी नगर पालिका परिषद के बाजार बैठकी वसूली में घोर भ्रष्टाचार का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस पार्षद के अनुसार, राज्य सरकार और जिला कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बावजूद भी त्योहारों पर अवैध वसूली की गई, और शिकायत करने के बावजूद भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
MP जनक्रांति न्यूज को मिली जानकारी के अनुसार, देवरी नगर पालिका के कर्मचारी खुलेआम वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करते हुए गरीबों पर घोर अत्याचार कर रहे हैं।
Quick Highlights
- स्थान: सागर जिले की देवरी नगर पालिका परिषद।
- आरोप: बाजार बैठकी वसूली में घोर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली।
- आदेश की अवहेलना: दिवाली और ग्यारस पर्व के दिन भी वसूली की गई, जबकि कलेक्टर और शासन ने इन त्योहारों पर बाजार बैठकी नहीं लेने का स्पष्ट निर्देश दिया था।
- भ्रष्टाचार का आँकड़ा: नगर पालिका द्वारा प्रतिदिन ₹4,000 से ₹5,000 की वसूली की जाती है, लेकिन रिकॉर्ड में मात्र ₹800 से ₹1,000 ही जमा किए जाते हैं, जिससे प्रतिदिन ₹3 से ₹4 हज़ार का गबन होता है।
- शिकायतकर्ता: पटेल वार्ड के कांग्रेस पार्षद त्रिवेंद्र जाट।
- लापरवाही: SDM, कलेक्टर और कमिश्नर तक शिकायत करने के बावजूद आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
₹4 हज़ार की वसूली, ₹800 का रिकॉर्ड—खुला गबन
कलेक्टर के आदेश को किया दरकिनार
बाजार बैठकी वसूली में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर पटेल वार्ड के कांग्रेस पार्षद त्रिवेंद्र जाट ने मोर्चा खोला है। उन्होंने एसडीएम, कलेक्टर एवं कमिश्नर तक पत्र भेजकर लिखित शिकायत की थी, जिसमें देवरी नगर पालिका के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
पार्षद त्रिवेंद्र जाट ने अपनी शिकायत में बताया था कि मध्य प्रदेश नगरीय प्रशासन विभाग (भोपाल) और सागर कलेक्टर द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि दिवाली पर्व एवं ग्यारस पर्व के दिन बाजार बैठकी नहीं ली जाएगी। इसके बावजूद, नगर पालिका के कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की खुलेआम अवहेलना करते हुए छोटे फुटपाथ पर बैठने वाले दुकानदारों से अवैध वसूली की।
आय और रिकॉर्ड में भारी अंतर
सबसे गंभीर आरोप बाजार बैठकी की राशि में गबन को लेकर है। पार्षद के अनुसार:
- नगर पालिका परिषद द्वारा प्रतिदिन ₹4,000 से ₹5,000 तक बाजार बैठकी की वसूली की जाती है।
- लेकिन नगर पालिका के सरकारी रिकॉर्ड में मात्र ₹800 से ₹1,000 मात्र प्रतिदिन जमा किए जा रहे हैं।
यह स्पष्ट अंतर दर्शाता है कि बाजार बैठकी की राशि में प्रतिदिन ₹3,000 से ₹4,000 का खुला भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इस पूरी अनियमितता में नगर पालिका के सीएमओ से लेकर अन्य अधिकारी कर्मचारी सम्मिलित नजर आ रहे हैं।
उच्च स्तरीय शिकायत पर भी कार्रवाई न होना प्रश्नचिह्न
कांग्रेस पार्षद त्रिवेंद्र जाट ने अधिकारियों की कार्यशैली पर ही बड़ा प्रश्नचिह्न लगाया है।
“मेरे द्वारा देवरी नगर पालिका प्रशासन द्वारा बाजार बैठकी वसूली में भ्रष्टाचार मामले को लेकर एसडीम से लेकर कलेक्टर कमिश्नर तक लिखित शिकायत की गई लेकिन आज दिनांक तक नगरपालिका के लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों पर खुला भ्रष्टाचार करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।”
— त्रिवेंद्र जाट, कांग्रेस पार्षद, पटेल वार्ड देवरी
कांग्रेस पार्षद द्वारा SDM, कलेक्टर और कमिश्नर तक शिकायत करने के बावजूद लापरवाह अधिकारियों पर कोई भी कार्रवाई न होना, जिला अधिकारियों की कार्यशैली और भ्रष्टाचार के प्रति उनके रवैये पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। गरीब जनता पर हो रहे इस अत्याचार को प्रशासन आँखें बंद कर देख रहा तमाशा मात्र साबित हो रहा है।
(रिपोर्ट: सोनू प्रजापति, MP जनक्रांति न्यूज)
देवरी, सागर | दिनांक: 7 नवंबर 2025
मोबाइल: 7582995977
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