राष्ट्रगीत पर अब,रामेश्वर, मालिनी फंसे
– अब बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा और मालिनी गौड़ का वीडियो शेयर कर कांग्रेस ने राष्ट्रगीत के अपमान का मुद्दा उठाया, अब भाजपा बुरी तरह फंसी
– कांग्रेस को बचाव के लिए मिला रामेश्वर और मालिनी गौड़ का गीत गान
इन्दौर। राष्ट्रभक्ति के सवालों पर कांग्रेस के बाद अब भाजपा भी घिरती नजर आ रही है। इन्दौर से शुरू हुआ वंदे मातरम गीत पर मचा घमासान दोनों दलों के लिए बहस का मुद्दा तो बना, लेकिन इस मुद्दे ने कांग्रेस हो या फिर भाजपा। दोनों को उलझा दिया है। दोनों ही राजनीतिक दलों को अब वंदे मातरम गीत पर घमासान को खत्म करने का रास्ता नजर नहीं आ रहा है। इसकी शुरूआत तो भाजपा ने की थी, जिसमें कांग्रेस बुरी तरह फंस गई थी, लेकिन जब इन्दौर चार से भाजपा विधायक मालिनी गौड़ और हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के वीडियो सामने आए तो कांग्रेस को भी काउंटर करने का मौका मिल गया। इन वीडियो ने भाजपा की भी किरकिरी कर दी है। अब दोनों ही दल में एक तरफ दो पार्षद जो कांग्रेस की है और दूसरी तरफ दो विधायक जो भाजपा के हैं। दोनों ही राजनीतिक दलों की इस प्रतिस्पर्धा में बुरी तरह फंसते दिख रहे हैं। पार्टी स्तर से शुरू हुआ ये मामला व्यक्तिगत हो चुका है। दोनों बड़े राजनीतिक दल इसके लिए अपने दोनों पार्षदों और दोनों विधायकों को दांव पर लगाने के लिए तैयार है। अप्रैल में गर्मी के इस दौरा में सियासत के इस राष्ट्रीय गीत के मामले में जो घमासान खड़ा किया है। उसका फायदा असल में किसको मिलेगा, वो तो चुनावी राज्यों के नतिजें बताएंगे। पर इस मुद्दे ने मालवा और निमाड़ के साथ देश की राजनीति में गर्माहट पैदा कर दी है। सियासत की इस गर्माहट ने राजनीतिक पिच को भी आग का गोला बना दिया है। जिसमें दोनों दल झुलस रहे हैं।
इस मामले में पहले तो भाजपाइयों ने ताकत से कांग्रेस की आलोचना की, लेकिन कांग्रेस भी चुप नहीं बैठी। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़़ा, कांग्रेस ने भाजपाइयों के अधूरे ज्ञान का पदाफाश करने के लिए सोशल मीडिया से पुराने वीडियो खंगालकर दोबारा सोशल मीडिया पर अपलोड और शेयर किए। इसमें भाजपा के जिम्मेदार नेता भी सवालों के घेरे में आ गए। बात जब वंदे मातरम गाने की आई तो कई भाजपा नेता वंदे मातरम से आगे नहीं गा पाए। कोई वंदे मातरम कहकर भारत माता की जय कहकर चुप हो गया तो कोई वंदे मातरम से आगे नहीं गा पाया।
इन्दौर नगर पालिका निगम के बजट सम्मेलन से शुरू हुआ वंदे मातरम गीत का मुद्दा अब भाजपा के गले की भी फांस बन गया है। इन्दौर चार से भाजपा विधायक मालिनी गौड़ और हुजूर से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के हाल ही में वायरल हुए वीडियो ने भाजपा की मुसीबतें बढ़ा दी है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि एक पत्रकार ने मालिनी गौड़ से पूछा कि बताईए राष्ट्रगान क्या है। तो उन्होंने कहा दिया ऐसे गाया नहीं जाता है। खड़ा होना पड़ता है। राष्ट्रगान का अपमना होता है। यही नहीं मालिनी गौड़ से दूसरा सवाल पूछा गया कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान क्या है तो गौड़ ने कहा दोनों एक ही है। इससे पता चलता है कि वंदे मातरम को मुद्दा बनाने वाले ही वंदे मातरम को लेकर कितनी जानकारी और कितना सम्मान रखते हैं। दूसरी ओर हुजूर विधानसभा से विधायक रामेश्वर शर्मा ने तो हद ही कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में राष्ट्रगीत गाते नजर आ रहे हैं। इसमें उन्हें ये ही नहीं पता है कि वंदे मातरम के बाद क्या आता है। उन्होंने राष्ट्रगीत गाने के दौरान गाया वंदे मातरम, सुंदे मातरम।
हालांकि ये वीडियो पुराने हैं, पर कांग्रेस के लिए ये वीडियो काउंटर का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अब ये पुराने वीडियो जोर पकड़ रहे हैं। कांग्रेस इसके जरिए अपने जवाब दे रही है। इन पुराने वीडियो को लेकर दोनों ही भाजपा विधायक मुश्किल में फंस गए हैं।
कांग्रेस के इस पलटवार पर भाजपा की ओर ओर से अब तक कोई सफाई नहीं आई है। निगम के बजट सम्मेलन से शुरू हुआ ये राष्ट्रगीत का मुद्दा लगातार अब गर्मा रहा है। दोनों दल मामले पर झुलस रहे हैं। इधर देश देख रहा है कि राजनीति किस स्तर तक पहुंच चुकी है। दोनों दल एक-दूसरे पर वीडियो और बयानों के जरिए वार-पलटवार कर रहे हैं।
वंदे मातरम को लेकर सियासत लगातार गर्मा रही है। बात अब प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। खबर है कि, बंगाल चुनाव में भी इन्दौर की दो पार्षद फौजिया शेख और रूबीना खान के दिए गए बयान को लेकर बंगाल चुनाव में भी भाजपा इसको भुनाने में लगी है। प्रदेश के बड़े नेता भी इस मुद्दे को भुनाने में लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि वंदे मातरम मुद्दे कांग्रेस की पार्षद ने वंदे मातरम गाने से इनकार किया। बड़ी बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाउंंगी। ये कांग्रेस पार्टी का चरित्र बताता है। भारत माता की जय से भी मना करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी स्पष्टीकरण दें। आखिर अपने सदस्यों को इस तरह का प्रोत्साहन देने की क्यों नीति है। ये कहां ले जाकर खड़े करेंगे। सभी देशभक्तों का क्यों अपमान करेंगे। यहां कांग्रेस के बैनर तले चुनकर आते हैं वो भारत माता की जय, वंदे मातरम से मना करते हैं। जीतू पटवारी को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस को कार्रवाई करना चाहिए। कांग्रेस दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही है।
इस का जवाब देते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी आमने-सामने हो गए हैं। हालात ये है कि दोनों दल अब वंदे मातरम को लेकर एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वंदे मातरम को लेकर सीएम के सवाल पर पलटवार करते हुए कहा मुख्यमंत्री सवाल पूछते हैं कि वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस पार्टी का स्टैंड क्या है। जिस विचारधारा ने वंदे मातरम की स्थापना की। जिस विचारधारा ने वंदे मातरम को जन-जन तक, विश्व में पहुंचाया, अपनी आत्मा बनाया। जब देश की आजादी का काम चल रहा था, तब जो अंग्रेजों से मिल गए, हम उन्हें उत्तर देंगे। मेरे खून की रग-रग में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान है। भारत वर्ष का हर नागरिक संविधान की पालना करता है।
इन्दौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान उठे वंदे मातरम का मुद्दा अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। मप्र की राजनीति में उबाल आ गया है। प्रदेश स्तरीय नेता अब इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने हो गए हैं। भाजपा लगातार कांग्रेस को निशाना बना रही है तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी जवाब देने में पीछे नहीं हट रहे हैं।
भाजपा ने जब फौजिया शेख और रूबीना खान के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा तो कांगे्रस ने भी इन्दौर चार से भाजपा विधायक मालिनी गौड़ और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का भी वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा है। इसमें भी वंदे मातरम को लेकर विधायक गौड़ और शर्मा दोनो ही राष्ट्रगीत नहीं गा पाए।
सियासत की पिच पर बाप ही बाप….बाप रे बाप
वंदे मातरम के बाद कांग्रेस और भाजपा बाप तक पहुंच चुके हैं। बता दें कि नगर निगम परिषद सम्मेलन के दौरान कांग्रेस पार्षद रूबीना खान ने किसी के बाप में दम है तो वंदे मातरम बुलवाकर दिखा दो जैसे शब्द का प्रयोग किया था। अब वहीं प्रयोग भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कर दिया है। सुमित मिश्रा ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि ऐसा है यदि जीतू पटवारी इस बात को साबित कर देंगे कि हमारे किसी भी संगठन में या किसी मातृ संगठन में तिरंगा का अपमान किया है तो मैं अपने बाप का नाम बदल लूंगा या आप बदल लेना। अब सवाल ये उठता है कि शहर भाजपा अध्यक्ष के इस बयान का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी क्या जवाब देते हैं। फिलहाल भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के बयान पर अब तक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे का बयान नहीं आया है। ऐसे में बाप वाली जो बात है वो सियासी बात बनती दिख रही है।
वंदे मातरम टेस्ट में फेल भाजपा नेता
वंदे मातरम को लेकर एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बंटोर रहा है। वीडियो भोपाल का बताया जा रहा है। जिसमें भाजपा नेता न्यूज चैनल के एंकर के सवालों में वंदे मातरम गीत के टेस्ट में फेल नजर आ रहे हैं। इसमें से अधिकांश नेता वे बताए जा रहे हैं, जो विधायक और सांसद बनने का सपना संजोए बैठे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि कुछ नेता दौड़ में भी शामिल है।