Tomato Farming: कम जगह में खूब होते है यह टमाटर, ट्रक भर के माल निकलता है एक ही बार में

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Tomato Farming: क्या आप खेती करके अच्छी कमाई करना चाहते हैं? तो फिर गर्मी के मौसम में आप “पूसा गोल्डन चेरी टमाटर” की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आइए, इस खास किस्म के टमाटर और इसकी खेती के बारे में विस्तार से जानते हैं.

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पोषा गोल्डन चेरी टमाटर की विशेषताएं (Specialties of Pusa Golden Cherry Tomato)

  • जलवायु (Climate): पूसा संस्थान द्वारा विकसित यह किस्म अपेक्षाकृत गर्म जलवायु में अच्छी पैदावार देती है. इसकी खेती गर्मी के मौसम में आसानी से की जा सकती है. फलों के विकास और रंग के लिए रात का तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस होना उपयुक्त माना जाता है.
  • पैदावार (Yield): यह किस्म अधिक पैदावार देने वाली है. एक पौधे से औसतन 9-10 टमाटर के गुच्छे लगते हैं और हर गुच्छे में 25-30 चेरी टमाटर होते हैं. एक चेरी टमाटर का औसत वजन 7 से 8 ग्राम होता है. कुल मिलाकर एक पौधे से लगभग साढ़े तीन से चार किलो तक टमाटर की पैदावार हो सकती है. प्रति हजार वर्ग मीटर में इसकी पैदावार 9-11 टन तक हो सकती है.
  • फलों का स्वाद और गुण (Taste and Quality): हर 100 ग्राम ताजा वजन में 13.02 मिलीग्राम कैरोटीन, 0.33 प्रतिशत खटास और 90 प्रतिशत तक मिठास पाई जाती है. साथ ही, 18.3 मिलीग्राम एस्कॉर्बिक एसिड भी पाया जाता है.
  • पहली तुड़ाई और फसल अवधि (First Harvest and Crop Duration): रोपाई के 75-80 दिन बाद ही इसकी पहली तुड़ाई हो जाती है. इतना ही नहीं, इसकी फसल भी लंबे समय तक, लगभग 9-10 महीने तक चलती है.

खेती की विधि (Cultivation Method)

  • मिट्टी (Soil): इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए. साथ ही, मिट्टी बलुई-दोमट (sandy loam) होनी चाहिए, जिसमें जल निकास की अच्छी व्यवस्था हो.
  • खाद और उर्वरक (Manure and Fertilizers): आमतौर पर इसकी खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 25-30 टन सड़ी हुई गोबर की खाद की आवश्यकता होती है. इसके अलावा 80 किग्रा. फास्फोरस, 90 किग्रा. पोटाश और 150 किग्रा. नाइट्रोजन की जरूरत होती है. नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा रोपाई के समय और बाकी बची हुई मात्रा पौधे के बढ़ने के 25 दिन बाद देनी चाहिए.
  • बीज की मात्रा (Seed Rate): इसकी रोपाई के लिए प्रति हेक्टेयर 125 ग्राम बीज की आवश्यकता होती है.
  • पौध तैयार करना (Seedling Preparation): यदि आप पौध तैयार कर रहे हैं, तो जुलाई-अगस्त के महीने में आप इसकी बुवाई नारियल की ब苗 (miáo) ट्रे में कर सकते हैं.
  • नियंत्रित वातावरण (Controlled Environment): पूसा गोल्डन चेरी टमाटर की एक खासियत यह है कि इसकी खेती पूरे साल नियंत्रित वातावरण वाले पॉलीहाउस में भी की जा सकती है. हवादार या कम लागत वाले पॉलीहाउस में इसकी सितंबर महीने में रोपाई की जा सकती है और इसकी फसल मई महीने तक प्राप्त की जा सकती है.
  • खरपतवार नियंत्रण (Weed Control): इसकी खेती में खरपतवार नियंत्रण बहुत जरूरी है.
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