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Krishi Upkaran Subsidy Yojana: सब्सिडी पर जल्द मिलेंगे कृषि यंत्र! 85 दिनों में खाते में होगा अनुदान, जानिए

Krishi Upkaran Subsidy Yojana: किसानों को खेती के कार्यों को आसान बनाने के लिए सरकार सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाती है. लेकिन, कई बार सब्सिडी मिलने में देरी हो जाती है, जिससे किसानों को परेशानी होती है. इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब कृषि यंत्र खरीदने पर सब्सिडी पाने के लिए 85 दिनों की समय सीमा तय कर दी गई है. यानी आवेदन करने और कृषि यंत्र खरीदने के बाद 85 दिनों के अंदर सब्सिडी की राशि आपके खाते में जमा हो जाएगी. इससे कृषि विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और साथ ही लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी अंकुश लगेगा.

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समय-सीमा में होगा फाइलों का निपटारा

किसानों की सुविधा के लिए राज्य कृषि विभाग ने इस साल कृषि यंत्र अनुदान योजना 2024 लागू की है. इस योजना के तहत अगर कोई किसान अधिकृत डीलर से खेती से जुड़े हुए निर्धारित उपकरण खरीदता है, तो सरकार उसे उस मशीन की कुल लागत मूल्य पर 40 से 50 फीसदी तक का सब्सिडी राशि देती है. विभागीय जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग द्वारा स्वीकृत कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी राशि अब आवेदन के 85 दिनों के अंदर मिल सकेगी. इसके लिए कृषि विभाग द्वारा किसान अधिकार पत्र लागू किया गया है. इसे विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद इसी सत्र की फाइलों में लागू किया जाएगा. संबंधित कार्मिकों/कर्मचारियों के लिए जरूरी होगा कि वे तय समय सीमा के अनुसार किसानों की फाइलों का निपटारा करें.

मिलेगा किसानों को राहत

कृषि विभाग के कार्मिकों ने बताया कि पहले कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए आवेदन करने वाले किसानों को कई बार बेवजह विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे. संबंधित कर्मचारियों की देरी, जरूरी दस्तावेज पूरे न होने की वजह से योजनाओं का लाभ मिलने में लाभार्थी को देरी हो जाती थी. किसानों को उपकरण खरीदने के लिए साहूकार से कर्ज लेना पड़ता था. साथ ही अनुदान में देरी होने पर साहूकार को भी ब्याज देना पड़ता था. अनुदान राशि के भुगतान में देरी से संबंधित शिकायतों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने किसान अधिकार पत्र लागू किया है. कार्मिकों के अनुसार, कृषि विभाग नए सत्र से राज किसान पोर्टल पर आवेदन के 85 दिनों के अंदर अनुदान राशि जारी कर देगा. आवेदन के 7 दिनों के अंदर दस्तावेजों की जांच कर ली जाएगी, जिसके बाद 8 दिनों में प्रशासनिक स्वीकृति जारी करनी होगी. 45 दिनों में किसान को मशीन खरीदकर कृषि पर्यवेक्षक को रिपोर्ट करना होगा. कृषि पर्यवेक्षक को 15 दिनों में सत्यापन करना होगा. इसके बाद बजट होने पर 10 दिनों के अंदर लाभार्थी किसान के बैंक खाते में अनुदान राशि जमा कर दी जाएगी.

विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत मिलते हैं अनुदान

सब्सिडी पाकर खेती करें आसान! राजस्थान कृषि यंत्र अनुदान योजना 2024
किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आसान बनाने के लिए राजस्थान सरकार कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दे रही है. आइए, विस्तार से जानते हैं इस योजना के बारे में.

सब्सिडी मिलती है किन-किन यंत्रों पर?

राजस्थान कृषि यंत्र अनुदान योजना 2024 के तहत बीज ड्रिल/बीज सहित उर्वरक ड्रिल, डिस्क हल/डिस्क हैरो, रोटावेटर, मल्टी क्रॉप थ्रेसर, रिज फरो प्लांटर/मल्टी क्रॉप प्लांटर/ट्रैक्टर ऑपरेटेड रीपर, छिzel हल आदि कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है.

कितनी सब्सिडी मिलेगी?

इस योजना में अनुदान की राशि जाति के आधार पर तय की गई है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत और महिला किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी. वहीं, अन्य सभी श्रेणी के किसानों को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी.

योजना का पात्र कौन बन सकता है?

राजस्थान कृषि यंत्र अनुदान योजना 2024 का लाभ राज्य के सभी किसान उठा सकते हैं. योजना के तहत जरूरी पात्रता इस प्रकार से हैं:

आवेदक के नाम पर खेती लायक जमीन होनी चाहिए.
अविभाजित परिवार के मामले में, आवेदक का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए.
आवेदक के पास जन आधार कार्ड होना आवश्यक है.
ट्रैक्टर से चलने वाले यंत्रों पर सब्सिडी लेने के लिए ट्रैक्टर की आरसी होना आवश्यक है.
छह माह पुराणी जमाबंदी की कॉपी
जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए)

कृषि पढ़ने वाली छात्राओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

राजस्थान सरकार किसान परिवारों और उनके बच्चों के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनके तहत उन्हें आर्थिक मदद दी जाती है. इन योजनाओं में छात्र प्रोत्साहन योजना भी शामिल है. इस योजना के तहत राज्य सरकार कृषि की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भी प्रोत्साहन देती है.

11वीं और 12वीं कक्षा में कृषि विषय पढ़ने वाली छात्राओं को प्रति वर्ष 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
स्नातक और स्नातकोत्तर में उद्यान विज्ञान, डेयरी, कृषि अभियांत्रिकी, खाद्य प्रसंस्करण और श्रीकरण नरेंद्र बिजनेस मैनेजमेंट कॉलेज, जोबनेर जैसे विषयों में पढ़ने वाली छात्राओं को 4/5 वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए प्रति वर्ष 25 हजार रुपये दिए जाते हैं.
पीएचडी में कृषि विषय पढ़ने वाली छात्राओं को सहायता राशि के रूप में 40 हजार रुपये दिए जाते हैं.
अगर आप भी किसान हैं और कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं, तो राजस्थान कृषि विभाग से संपर्क करें. विभाग की वेबसाइट पर भी योजना की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है.

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