गदग (कर्नाटक) | कर्नाटक की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक डॉ. चंद्रु लमानी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शिरहट्टी विधानसभा क्षेत्र से विधायक लमानी पर 11 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है।

5 लाख रुपये लेते हुए बिछाया गया जाल
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई गदग जिला लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई। क्लास-1 कॉन्ट्रैक्टर विजय पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत जाल बिछाया था। जैसे ही विधायक को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये सौंपे गए, घात लगाकर बैठी लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
विधायक के साथ 2 PA भी गिरफ्तार
लोकायुक्त पुलिस ने केवल विधायक ही नहीं, बल्कि उनके भ्रष्टाचार के नेटवर्क में शामिल दो निजी सहायकों (PA) को भी हिरासत में लिया है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के नाम मंजूनाथ वाल्मीकी और गुरुनाइक हैं। इन सभी से फिलहाल अज्ञात स्थान पर कड़ी पूछताछ की जा रही है।
क्या है पूरा मामला? (The Bribery Case)
मामला लघु सिंचाई विभाग (Minor Irrigation Department) से जुड़ी एक निर्माण परियोजना से संबंधित है।
- विवाद की जड़: एक रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) के निर्माण कार्य के सिलसिले में विधायक ने कॉन्ट्रैक्टर से कमीशन की मांग की थी।
- रिश्वत की मांग: आरोप है कि विधायक ने काम को सुचारू रूप से चलने देने के बदले 11 लाख रुपये की मांग की थी।
- शिकायत और ट्रैप: ठेकेदार विजय पुजारी ने इस भ्रष्टाचार की सूचना लोकायुक्त को दी, जिसके बाद स्टिंग ऑपरेशन के दौरान यह हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी हुई।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
डॉ. चंद्रु लमानी 2023 के विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति (SC) सुरक्षित सीट से विजयी हुए थे। राज्य की राजनीति में उन्हें एक प्रमुख चेहरे के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन इस गिरफ्तारी ने भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई के संकेत:
- जीरो टॉलरेंस: यह कार्रवाई दर्शाती है कि कर्नाटक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप और कमीशनखोरी के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी टीमें अब बेहद सक्रिय हैं।
- जांच का दायरा: लोकायुक्त पुलिस अब विधायक के पुराने प्रोजेक्ट्स, वित्तीय लेन-देन और रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही है ताकि किसी बड़े नेक्सस (गठजोड़) का पर्दाफाश किया जा सके।
विधायक की गिरफ्तारी के बाद अब यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर तूल पकड़ने वाला है। विपक्ष जहां सरकार और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हमलावर है, वहीं लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि वे जनता का विश्वास बहाल करने के लिए ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करेंगे।