रतलाम, मध्य प्रदेश में बसों के संचालन की नई नीति के विरोध में बस मालिकों ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।मंगलवार दोपहर रतलाम जिला बस संचालक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर राधा महंत को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
बस संचालकों ने शासन की इस नई नीति को दमनकारी बताते हुए स्पष्ट किया है कि अगर इसे नहीं बदला गया, तो 2 मार्च से प्रदेशभर में बसें पूरी तरह से बंद कर दी जाएंगी। फिलहाल, बस मालिकों ने अपनी मांगों को लेकर शासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। बस ऑपरेटरों ने 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यह आंदोलन राज्य सरकार की नई परिवहन नीति और टैक्स वृद्धि के विरोध में किया जा रहा है, जिससे राज्यभर की बस सेवाएं ठप हो सकती हैं और यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आंदोलन के मुख्य कारण
नई परिवहन नीति को लेकर असंतोष: बस ऑपरेटरों का आरोप है कि 24 दिसंबर 2025 को जारी नई नीति निजी बस संचालकों के व्यवसाय को नुकसान पहुंचाएगी और उनके अस्तित्व पर असर डालेगी।
टैक्स और शुल्क में वृद्धि: ऑपरेटरों का कहना है कि टैक्स को 12% से बढ़ाकर 18% करने से आर्थिक बोझ बढ़ गया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेद्रसिंह गुर्जर ने बताया कि 22 फरवरी को प्रदेश के सागर में सभी बस मालिकों और संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारियों की एक अहम बैठक रखी गई थी। इसी बैठक में विचार-विमर्श के बाद नई नीति के खिलाफ हड़ताल पर जाने का यह बड़ा निर्णय लिया गया है। रतलाम सहित पूरे प्रदेश के बस संचालक इस नीति से नाराज हैं।
‘मांगें नहीं मानीं तो 2 मार्च से काम बंद’ जिलाध्यक्ष सुरेद्रसिंह गुर्जर ने बताया कि, “स्टेज कैरिज बसों के संचालन के लिए लाई जा रही नई दमनकारी नीति के कारण प्रदेश के समस्त बस मालिक आहत हैं। अगर हमारी मांगों को नहीं माना गया तो सभी बस व्यवसायी 2 मार्च से अनिश्चित कालीन हडताल पर जाएंगे।