
रीवा। कलेक्ट्रेट में हाल ही में पदस्थ हुईं डिप्टी कलेक्टर सुरभि जैन अब EWS प्रमाणपत्र को लेकर विवादों में घिर गई हैं। उनके खिलाफ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाणपत्र कथित रूप से गलत जानकारी देकर बनवाने के आरोप लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, छतरपुर निवासी प्रदीप दुबे ने इस संबंध में राज्य सरकार के विभिन्न स्तरों पर शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही रीवा कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी गई है, जिसकी प्रति रीवा कमिश्नर को भी भेजी गई है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुरभि जैन, निवासी बम्हारी (तहसील बक्सवाहा, जिला छतरपुर), ने वर्ष 2021-22 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा में शामिल होने के दौरान EWS प्रमाणपत्र गलत जानकारी देकर प्राप्त किया।शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित अधिकारी के परिवार के पास तीन पक्के मकान, दुकान और पर्याप्त कृषि भूमि है, जो EWS पात्रता के निर्धारित मानकों के विपरीत है। ऐसे में प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत EWS प्रमाणपत्र की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।वहीं, डिप्टी कलेक्टर सुरभि जैन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। हालांकि, विस्तृत प्रतिक्रिया के लिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।फिलहाल, पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।