150वें वर्ष के उपलक्ष्य में सरस्वती विद्या मंदिर में हुआ राष्ट्रव्यापी अभियान का आयोजन
ताल। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में शुक्रवार को सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ताल में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर आयोजित इस राष्ट्रव्यापी अभियान में विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्य-दीदी, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवं नागरिकों के साथ शासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य नगर परिषद अधिकारी श्री गौरव शर्मा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष श्री मुकेश परमार ने की। कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्यालय समिति के व्यवस्थापक श्री राजेश परमार रहे। विद्यालय समिति के सहसचिव श्री मनीष भट्ट कार्यक्रम के साक्षी रहे
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने एक साथ, एक लय और एक स्वर में सम्पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। जैसे ही राष्ट्रगीत के स्वर विद्यालय परिसर में गूंजे, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से सराबोर हो गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवं नागरिकों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत का गायन कर मातृभूमि के प्रति सम्मान एवं श्रद्धा व्यक्त की।
देशभर में एक साथ हुआ सामूहिक गायन
इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत देशभर के सरस्वती शिशु मंदिरों सहित विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवं समाज के नागरिकों ने सहभागिता की। देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, आचार्यों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों एवं नागरिकों द्वारा एक साथ सम्पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किए जाने की जानकारी कार्यक्रम में दी गई। इस सामूहिक गायन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने का भी उल्लेख किया गया।
राष्ट्रीय चेतना और एकता का संदेश
विद्यालय परिवार की ओर से कहा गया कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली स्मृतियों और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इसके 150वें वर्ष के अवसर पर आयोजित यह सामूहिक गायन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, एकता, राष्ट्रीय कर्तव्य और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, ज्ञान और परिश्रम का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें। भारत की गौरवशाली संस्कृति, परंपराओं और विरासत को समझते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें तथा सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। विभिन्न भाषाओं, वेशभूषाओं और विविधताओं के बावजूद राष्ट्र प्रथम की भावना को आत्मसात करना ही राष्ट्रीय एकता की वास्तविक पहचान है।
समिति पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष श्री ईश्वर लाल पाटीदार, कोषाध्यक्ष श्री पिरूदास बैरागी, सदस्य श्री विनोद धानगढ़, श्री गोरधन पोरवाल, श्री पवन बैरागी एवं श्री मनोज मांदलिया, संस्था प्राचार्य श्री रविराज राठौर सहित विद्यालय के आचार्य परिवार, पूर्व छात्र परिषद के सदस्य, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक राष्ट्रीय अभियान में सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया। सामूहिक गायन के पश्चात उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव को बनाए रखने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया। सम्पूर्ण आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति, उत्साह और राष्ट्रीय चेतना के वातावरण से गूंजता रहा।