
रीवा। संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में 25 वर्षीय गर्भवती महिला कल्पना मिश्रा और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों समेत चार स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित कर दिया है और जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति गठित की गई है।
मौत से पहले मदद की गुहार ने बढ़ाई चिंता
मामले में सामने आए एक वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया। वीडियो में कल्पना अस्पताल के प्रसूति वार्ड से बाहर आती दिखाई देती हैं और परिजनों से मदद की गुहार लगाती नजर आती हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह इलाज को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रही थीं।घटना के कुछ घंटे बाद कल्पना और उनके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिवार ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से बार-बार कल्पना की हालत देखने और उचित इलाज करने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। परिवार ने जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर तथा कड़ी कार्रवाई की मांग की है।वहीं अस्पताल प्रशासन ने इलाज में लापरवाही के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि महिला का उपचार चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था।
अस्पताल ने बताई गंभीर मेडिकल स्थिति
अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार कल्पना को भर्ती किए जाने के समय उनकी हालत गंभीर थी। रिपोर्टों में बहुत कम प्लेटलेट्स, अत्यधिक रक्तचाप और बढ़े हुए लिवर एंजाइम का उल्लेख है। चिकित्सकों ने गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और HELLP सिंड्रोम जैसी स्थितियों का उल्लेख किया था।अब जांच का अहम सवाल यही है कि मौत गंभीर चिकित्सकीय स्थिति के कारण हुई या इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही अथवा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की भूमिका रही।
चार स्वास्थ्यकर्मी निलंबित, जांच कमेटी गठित
मामले में प्रशासन ने प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और एनेस्थीसिया विभाग से जुड़े दो डॉक्टरों को निलंबित किया है। वहीं परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद दो नर्सिंग अधिकारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।मां और गर्भस्थ शिशु के पोस्टमार्टम के साथ मामले की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति बनाई गई है। समिति मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार प्रक्रिया और पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी।
अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल
- प्रसूता की हालत बिगड़ने के दौरान उसकी लगातार निगरानी और उपचार किस तरह किया गया?
- मौत से पहले महिला द्वारा मदद की गुहार लगाए जाने की परिस्थितियां क्या थीं?
- इलाज के दौरान मेडिकल प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हुआ या नहीं?
- ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भूमिका क्या रही?
- चार कर्मचारियों के निलंबन के बाद जांच में और कौन-सी जिम्मेदारी तय होती है?
- क्या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर FIR समेत आगे की कार्रवाई होगी?
अब जांच नहीं, जवाब का इंतजार!
चार स्वास्थ्यकर्मी निलंबित हैं, जांच कमेटी भी गठित हो चुकी है… लेकिन सवाल अभी बाकी हैं।
अगर इलाज प्रोटोकॉल के मुताबिक था, तो हालत इतनी तेजी से क्यों बिगड़ी?
क्या जिम्मेदारी सिर्फ निलंबन तक सीमित रहेगी, या दोषी पाए जाने पर FIR और कड़ी कार्रवाई भी होगी?
कल्पना की मौत का सच क्या है? जिम्मेदार कौन है? अब जवाब जांच रिपोर्ट देगी।रीवा | मध्य प्रदेश