
रीवा। Social media influencer मनीष पटेल से जुड़े विवाद के बीच अब एक नया मामला सामने आया है। “आंदोलन मनीष पटेल के लिए” नाम से चल रहे एक कथित WhatsApp Group के screenshots तेजी से viral हो रहे हैं। इन chats में कुछ सदस्यों द्वारा Brahmin Samaj को लेकर controversial comments, social boycott की appeal और voting को प्रभावित करने वाले messages share किए जाने का दावा किया जा रहा है।

आंदोलन मनीष पटेल के लिए” नामक कथित WhatsApp Group के viral screenshots, जिनमें Brahmin Samaj को लेकर की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

Viral screenshots के अनुसार, 88713xxxxx नंबर से जुड़े account द्वारा कथित तौर पर message किया गया कि एक विशेष समाज को शादी-विवाह में न बुलाया जाए, मंदिरों में दान न दिया जाए और उन्हें vote न दिया जाए। इसी account से group में “कसम खाओ” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक विशेष समाज के खिलाफ मतदान करने की appeal भी दिखाई दे रही है।
वहीं 93706xxxxx नंबर से जुड़े account द्वारा मंदिरों में दान बंद करने तथा Brahmin Samaj को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा 78789xxxxx नंबर से जुड़े सदस्य द्वारा उक्त messages पर support करते हुए “जी भैया” लिखा गया दिखाई देता है।

Social Media पर उठे सवाल
Viral chats सामने आने के बाद social media पर नई बहस छिड़ गई है। कई users का कहना है कि यदि ये screenshots वास्तविक हैं, तो यह केवल किसी व्यक्ति के support का मामला नहीं बल्कि social harmony को प्रभावित करने का प्रयास भी माना जा सकता है। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर किसी समाज विशेष के खिलाफ इस तरह की भाषा और boycott की appeal क्यों की गई।
Manish Patel की Bail को लेकर भी चर्चा
Social media पर कुछ users यह भी दावा कर रहे हैं कि Manish Patel के support में बने ऐसे groups में विवादित messages के viral होने से उनकी image को नुकसान पहुंच सकता है। कई लोगों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां supporters के नाम पर सामने आने से legal matters में भी negative discussion बढ़ सकती है। हालांकि bail या judicial process का फैसला केवल अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी तथ्यों के आधार पर ही किया जाता है।
Investigation की मांग तेज
Viral chats के बाद लोगों ने प्रशासन और Cyber Cell से मामले की जांच की मांग की है। मांग की जा रही है कि यह पता लगाया जाए कि group किसने बनाया, विवादित messages किस उद्देश्य से share किए गए और क्या इन messages के जरिए social hatred फैलाने का प्रयास हुआ।
Big Questions ❓
क्या viral screenshots वास्तविक हैं?
Group का संचालन कौन कर रहा था?
क्या किसी समाज विशेष के boycott की appeal की गई?
क्या Cyber Cell मामले की जांच करेगी?
क्या इस पूरे विवाद का असर Manish Patel से जुड़े मामलों पर पड़ेगा?