Mathura Crime News: कान्हा की नगरी मथुरा से कानून व्यवस्था को तार-तार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां के महोली गांव में परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारा और सेवा शिविर लगाने को लेकर दो पक्षों में ऐसा खूनी संघर्ष हुआ कि पूरा इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। करीब आधे घंटे तक दोनों ओर से खुलेआम अवैध हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की गई और जमकर ईंट-पत्थर चले।
इस खूनी जंग में चारों तरफ चीख-पुकार मच गई, लोग खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। इस गैंगवार में दोनों पक्षों के 4 लोगों को गोली लगी है, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं।

पुरानी रंजिश में बदला सेवा का मंच, प्याऊ लगाने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद महोली के पार्षद राजवीर उर्फ गुड्डी और दूसरे पक्ष के चंद्रपाल के बीच हुआ। दोनों के बीच करीब 6 महीने पुराना विवाद चल रहा था, जिसे तब ग्रामीणों ने शांत करा दिया था। लेकिन बुधवार को यह पुरानी रंजिश दोबारा भड़क उठी।
दरअसल, अधिकमास के मौके पर चंद्रपाल पक्ष ने परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए प्याऊ और सेवा शिविर लगाया था। इसी दौरान पार्षद राजवीर के लोग भी वहां फल और अन्य सामग्री बांटने पहुंच गए। सुबह करीब 11 बजे दोनों पक्षों में जगह और वर्चस्व को लेकर कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते इसने एक भयानक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया।
30 मिनट तक ‘तांडव’, सरेआम लहराए हथियार (Viral Video)
विवाद इतना बढ़ गया कि सेवा और पुण्य के मार्ग पर गोलियां चलने लगीं। आरोप है कि चंद्रपाल पक्ष और पार्षद पक्ष, दोनों ओर से परिक्रमा मार्ग पर खड़े होकर करीब 25 से 30 मिनट तक एक-दूसरे पर गोलियां बरसाई गईं।
दहशत का वीडियो: घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग सरेआम अवैध हथियार लहराते और बेखौफ होकर फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। इस ‘जंगलराज’ जैसे दृश्य को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।
गोलीबारी में महिला समेत 8 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
इस अंधाधुंध गोलीबारी में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं:
- चंद्रपाल पक्ष: रवि के पैर में और संजू के सीने में गोली लगी है, जबकि राजू और मलखान सिंह पत्थरों से चोटिल हुए हैं।
- पड़ोसी/पार्षद पक्ष: हरिओम के सिर में और सावित्री नाम की महिला के हाथ में गोली लगी है, जबकि पार्षद का बेटा रिंकू और भाई केदार भी गंभीर रूप से घायल हैं।
भारी पुलिस फोर्स तैनात, घरों से मिले अवैध हथियारों के जखीरे
घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस फोर्स और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को बमुश्किल नियंत्रण में लिया। पुलिस ने तुरंत सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने जब आरोपियों के घरों में सर्च ऑपरेशन चलाया, तो वहां से 6 से अधिक अवैध हथियार (कट्टे/बंदूकें) बरामद हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने यूपी में अपराधियों के बेखौफ हौसलों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।